विद्रोही नागार्जुन
अपनी अपूर्व काव्य प्रतिभा के कारण पावन भागीरथी सलिल प्रवाह की भाॅंति सतत प्रवाहमान हिन्दी साहित्य में सर्वत्र अपनी अतुलनीय रस-राग पराग सौरभ से अपनी ओर आकृष्ट कर हृदय को सरलतम सूक्तियों से आनंदित करने वालों में सर्वश्रेष्ठ सुरभारती के वक्ष-स्थल पर नक्षत्रों की मणिमाला में ध्रुवतारा की भांति सदैव नियत स्थान पर समारुढ होकर अप्रतिम प्रतिभा से चकाचैंध करने वाले फक्कड , यात्री , विद्रोही इत्यादि उपाधियों से विभूषित साहित्य मर्मज्ञ के पद पर आसीन कविकर नागार्जुन मात्र काव्यकार हीं नहीं सफल उपन्यासकार भी थे। नागार्जुन का वास्तविक नाम वैद्यनाथ मिश्र था। साहित्य साधना में उपनाम नागार्जुन रुप में लिखते थे। ...